Saturday, April 18, 2009

नई सीरीज़

इन दिनों एक नई सीरीज़ पर काम कर रहा हूँ। बहुत दिनों से आकृतिमूलक काम करने की जेहन में बात थी पर पूरी तरह आकारों की तरफ़ लौट नहीं पाया हूँ अब तक। वैसे मेरी अपने ऍक्स्प्रॅशन के साथ कोई जबरदस्ती भी नहीं है। जैसा होता चलता है होने देता हूँ भले ही बाद में मेरा आलोचक उठ खड़ा होता है अपने सारे औजारों के साथ मेरे कलाकार के खिलाफ। इसी सीरीज़ का एक चित्र -

4 comments:

चण्डीदत्त शुक्ल said...

अच्छा है न कि आपके आलोचक को कलाकार दबा नहीं सका है. नई सीरीज़ की सफलता के लिए शुभकामनाएं.

Dileepraaj Nagpal said...

Hamari Aur Se Bhi Shubhkamnayen

दुलाराम सहारण said...

बधाई भाई अडिग जी

santosh jangir said...

Great done sir.................
Its a fabulous series............